Skip to main content

शादीशुदा देसी भाभी की

टाइपिंग कोचिंग सेंटर में विजय का पहला दिन था। वह अपनी सीट पर बैठा टाइप सीखने के लिए नियमावली पुस्तिका पढ़ रहा था। तभी उसकी निगाह अपने केबिन के गेट की तरफ गई। कजरारे नयनों वाली एक साँवली लड़की उसकी केबिन में आ रही थी। 

 

लड़की उसकी बगल वाली सीट पर आकर बैठ गई। टाइपराइटर को ठीक किया और टाइप करने में मशगूल हो गई। विजय का मन टाइप करने में नहीं लगा। वह किसी भी हालत में लड़की से बातें करना चाह रहा था। वह टाइपराइटर पर कागज लगाकर बैठ गया और लड़की को देखने लगा। लड़की की अँगुलियाँ टाइपराइटर के कीबोर्ड पर ऐसे पड़ रही थीं जैसे हारमोनियम बजा रही हो। 

क्या देख रहे हो? 'थोड़ी देर बाद लड़की गुस्से से बोली।

आपको टाइप करते हुए देख रहा हूँ। 

यहाँ क्या करने आए हो?

टाइप सीखने। 

ऐसे सीखोगे? लड़की के स्वर में तल्खी बरकरार थी।

 

मेरा आज पहला‍ दिन है, इसलिए मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा है। आप टाइप कर रही थीं तो मैं देखने लगा कि आपकी अँगुलियाँ कैसे पड़ती हैं कीबोर्ड पर। आपको टाइप करते देखकर लगा मैं भी सीख जाऊँगा। 

यदि इसी तरह मुझे ही देखते रहे तो आपकी यह मनोकामना कभी पूरी नहीं होगी।'

लड़की फिर टाइप करने में जुट गई। विजय भी कीबोर्ड देखकर टाइप करने लगा। टाइप करने में उसका मन नहीं लग रहा था। वे बेचैनी-सी महसूस कर रहा था। दस मिनट बाद ही उसने टाइपराइटर का रिबन फँसा दिया। 

'रिबन तो फँसेगा ही जब ध्यान कहीं और होगा...।'

लड़की उसके टाइपराइटर को थोड़ा अपनी ओर खींचकर रिबन ठीक करने लगी। इसी बीच रिबन नीचे गिर गया। वह उसे उठाने के लिए झुकी तो उसके गले से चुन्नी गिर गई। रिबन उठाने के‍ लिए विजय भी झुका था। उसकी निगाह अकस्मात ही लड़की के उरोजों पर चली गई। वह सकपका गया।

 

'लो, ठीक हो गया।' लड़की ने कहा त उसकी चेतना लौटी। लड़की फिर टाइप करने में लग गई, लेकिन विजय का मन टाइप में नहीं लगा। वह लड़की से बात करने की ताक में ही लगा रहा।

 

'मन नहीं लग रहा है?' अचानक लड़की ने उससे पूछा तो बाँछें खिल गईं।

'लगता है कि सीख भी नहीं पाऊँगा।'

आसार तो कुछ ऐसे ही दिखते हैं।

आपका नाम? विजय ने बात को बढ़ाने के लिए सवाल कर दिया।

सरिता।

अच्छा नाम है। 

लेकिन मुझे इस नाम से नफरत है।

क्यों? 

कोई एक कारण हो तो बताएँ। यह कहते हुए सरिता अपनी सीट से उठी और पर्स कंधे पर टाँगते हुए केबिन से बाहर निकल गई। विजय उसे जाते हुए देखता रहा। उसके जाने के बाद उसने टाइपराइटर पर डाली। टाइपराइटर उसे उदास लगा। 

 

और दुनिया बदल गई

इसी दिन से विजय हवा में उड़ने लगा। रातों को छत पर घूमने लगा। तारे गिनता और उनसे बातें करता। चाँदनी रात में बैठकर कविताएँ लिखता। गर्मी की धूप उसे गुनगुनी लगने लगी। दुनिया गुलाबी हो गई तो जिंदगी गुलाब का फूल। आँखों से नींद गायब हो गई। वह ख्‍यालों ही ख्‍यालों में पैदल ही कई-कई किलोमीटर घूम आता।

 

अपनी इस स्थिति के बारे में उसने अपने एक दोस्त को बताया तो उसने कहाँ 'गुरु तुम्हें प्यार हो गया है।' दोस्त की बात सुनकर उसे अच्छा लगा। 

अगले दिन विजय ने सरिता से कहा कि आप पर एक कविता लिखी है। चाहता हूँ कि आप इसे पढ़ें।

'यह भी खूब रही। जान न पहचान। तू मेरा मेहमान। कितना जानते हैं आप मुझे?' 

जो भी जानता हूँ उसी आधार पर लिखा हूँ।

सरिता उसकी लिखी कविता पढ़ने लगी।

सरिता,

कल-कल करके बहने वाली जलधारा

लोगों की प्यास बुझाती

किसानों के खेतों को सींचती

राह में आती हैं बहुत बाधा

फिर भी मिलती है सागर से

उसके प्रेम में सागर

साहिल पर पटकता है सिर

उनके प्रेम की प्रगाढ़ता का प्रमाण

पूर्णमासी की रात में

उठने वाला ज्वार-भाटा

सरिता है तो सागर है 

सरिता के बिना रेगिस्तान हो जाएगा सागर

सागर के प्रेम में 

सरिता लाँघती है पहाड़, पठार

और मानव निर्मित बाधाओं को

 


कविता के नीचे उसने विजय की जगह सागर लिखा था। सरिता ने उसे देखा और कागज विजय की तरफ बढ़ा दिया। विजय ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि आप इसे टाइप कर दें। इसे छपने के लिए भेजना है। सरिता कुछ नहीं बोली। कागज को सामने रखकर टाइप करने लगी। विजय उसे देखता रहा। इस बात का आभास सरिता को भी था कि विजय उसे ही देख रहा है, लेकिन उसने कोई विरोध करने के बजाय पूछा कि आप कवि हैं?

बनने की कोशिश कर रहा हूँ।

 

कवि भगोड़े होते हैं। सरिता ने उसकी ओर देखते हुए कहा। उसकी इस टिप्पणी से विजय सकपका गया। 

कवि अपने सुख के लिए कविता रचता है। रचते समय वह कविता के बारे में सोचता है। उसके बाद वह कविता को उसके हाल पर छोड़ देता है। कविता जब संकट में होती है तो कवि कविता के पक्ष में खड़ा नहीं होता।'

'यह आप कैसे कह सकती हैं।'

मैं समझती हूँ कि आदमी की जिंदगी भी एक कविता है। मेरी जिंदगी एक कविता है। मेरी जिंदगी मुझे अच्छी नहीं लगती। इसलिए कविता भी मुझे अच्छी नहीं लगती।

अरे वाह, आप तो कवि हैं। अभी आपने जो कहा वह तो कविता है।

कविता नहीं, कविता का प्रलाप है, उसकी वेदना।

जो उस कवि के कारण उपजी है, जिसने मेरी जिंदगी की रचना की।' इतना कहकर सरिता केबिन से बाहर चली गई।

कैसी है यह? विजय ने सरिता के टाइपराइटर को देखा। लगा जैसे टाइपराइटर किसी शोक गीत की रचना में मशगूल है।

 

प्यार की खुशबू

आज उन्होंने बातें अधिक कीं। उनके वार्तालाप को देखकर टाइपिंग इंस्टिट्‍यूट चलाने वाली मैडम ने उनके पास आकर कहा कि आजकल तो तुम काफी खुश हो सरिता। बदले में सरिता केवल मुस्कराई। विजय भी मुस्कराया। तो क्या मेरे प्यार की गंध इसे भी लग गई।

 

अगले दिन सरिता जब इंस्टिट्‍यूट आई तो काफी सजी-धजी थी। नया गुलाबी सूट पहने थी। बालों का स्टाइल बदला हुआ था। विजय को सरिता का यह बदला रूप अच्‍छा लगा। वह अपनी भावनाओं को दबा नहीं पाया। बोला, 'काफी सुंदर लग रही हो।' जवाब में जब सरिता ने मुस्कराते हुए थैंक्यू का फूल जब उसकी तरफ फेंका तो उसकी इच्छा हुई कि वह खड़ा होकर नाचने लगे और जोर-जोर से चिल्लाये कि उसे प्यार हो गया है।

 

ग्रह-नक्षत्रों की चाल

आदमी जब‍ निराश होता है या फिर लक्ष्य के प्रति उसकी स्थितियाँ साफ नहीं होती हैं तो वह धर्म और ज्य‍ोतिषी की शरण में चला जाता है। विजय की भी हालत कुछ ऐसी ही थी। वह सरिता को चाहने लगा था, लेकिन सरिता भी उसे चाहती है यह स्पष्ट नहीं था। 

 

वह अपनी बेरोजगारी से भी परेशान था। घर वाले शादी के लिए अलग से दबाव डाल रहे थे। लिहाजा एक दिन वह ज्योतिषी के पास चला गया। नौकरी पाने के लिए वह ज्योतिषी से नुस्खे पूछता रहता है। उसने सोचा कि प्रेम पाने के लिए भी गृह-नक्षत्रों की चाल जान ली जाए। नौकरी के लिए तो ज्योतिषी कभी कहता है कि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, जो आपके शुभ कार्यों में बाधक है। 

 

इसकी शांति के लिए घर में मोर पंख रखें और प्रतिदिन उसे दो-तीन बार अपने शरीर पर घुमाएँ। सोमवार के दिन चाँदी से बना सर्प का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाएँ। नित्य श्रीगणेश जी की उपासना करें। धैर्यपूर्वक ऐसा करने पर ही रोजगार प्राप्ति की संभावना बनेगी। विजय ने अभी तक उसके बताए हर नुस्खे को आजमाया, लेकिन आज तक कोई संभावना नहीं बनी। शिकायत करने पर वह कह देता है कि आप पर भाग्येश शुक्र की महादशा चल रही है। शुक्र के बलवर्धन के लिए शुक्रवार के दिन साढ़े पाँच रत्ती का ओपल चाँदी में जड़वाकर दाहिनी मध्यमा में धारण करें।

 

पंडित जी मेरी कुंडली में प्रेम है कि नहीं? 

है न, बहुत है। कुंडली पर सरसरी नजर डालते हुए ज्योतिषी ने कहा। 

'प्रेम विवाह का योग है?'

है, लेकिन कुछ बाधाएँ हैं।'

प्रेम विवाह में क्या लफड़ा है?

आप पर शुक्र की महादशा चल रही है, जो अशुभ फलप्रद है। गोचर में भी आपकी राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है। शनि शांति के लिए प्रत्येक शनिवार कुत्तों को सरसों के तेल से बना मीठा पराठा‍ खिलाएँ। ग्रह शांति के उपरांत ही प्रेम में सफलता की संभावना बन सकती है।

सब ढकोसला है। इतने दिनों से आप एक नौकरी के लिए मुझसे क्या-क्या नहीं करवाते रहे। मिलीं नौकरी? साला चपरासी भी कोई रखने को तैयार नहीं।

भन्नाया हुआ विजय ज्योतिषी के कमरे से निकल गया। घर पहुँचते ही मम्मी कहने लगी, 'तुम्हारे पिता ने लड़की पसंद कर ली है। उनके दोस्त की बेटी है। बीए करके नौकरी कर रही है।'

तो मैं क्या करूँ?

शादी कर लो। 

बिना नौकरी मिले यह नहीं हो पाएगा।

फिर तो पूरी जिंदगी कुँआरे ही रह जाओगे। 

बीवी की कमाई खाने से तो कुँआरा रहना ही अच्छा है। कहते हुए विजय अपने कमरे में चला गया।

 

जिंदगी आसान नहीं

एक सप्ताह तक सरिता टाइपिंग स्कूल नहीं आई। विजय रोज आता रहा और निराश होकर वापस घर जाता रहा। आठवें दिन सरिता के आते ही वह पूछा बैठा कि एक सप्ताह आई नहीं?

Comments

Popular posts from this blog

अम्मी की चुदाई डॉक्टर

अम्मी की चुदाई डॉक्टर पेशंट डॉक्टर सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरी अम्मी को कमर में दर्द हुआ तो वे मेरे साथ डॉक्टर के पास गयी. डॉक्टर में एक्स रे के बहाने मेरी अम्मी को नंगी कर लिया. उसके बाद मेरी अम्मी की चुदाई हुई. दोस्तो, मेरा नाम राणा है. मैं गुजरात से हूँ. आज मैं आप सबके लिए एक नई सेक्स कहानी लेकर आया हूं. आप सभी को मेरा सलाम. जैसा कि आप सभी ने मेरी पहली सेक्स कहानी पढ़ी थी. इस सेक्स कहानी में मेरी अम्मी सलमान अंकल के साथ खुल कर सेक्स कर चुकी थीं. अब यह वाली सेक्स स्टोरी अम्मी और एक डॉक्टर की है, पेशंट डॉक्टर सेक्स स्टोरी में आप जानेंगे कि मेरी अम्मी कैसे डॉक्टर से चुदाई करवा रही थीं. मेरी अम्मी का नाम नज़मा है. उनकी उम्र 40 साल की है और फिगर 34-30-36 का है. मेरी अम्मी को कोई एक बार देख लेता है, तो उसका लंड उसी समय खड़ा हो जाता है. यह बात आज से छह महीने पहले की है. मेरी अम्मी की कमर में दर्द हो रहा था तो अम्मी ने मुझसे कहा- हम डॉक्टर के पास दिखाने चलते हैं. उस समय देर शाम का वक्त हो गया था. मैंने अम्मी से हामी भरी और हम दोनों रात को 9 बजे हॉस्पिटल आ गए. वहां उस वक्त ...

मामी की चूत का भोसड़ा बना दिया

मामी की चूत का भोसड़ा बना दिया Xxx फैमिलीसेक्स की कहानी में मैंने अपने मामा की पत्नी को उन्हीं के घर में उनके बेड पर चोदा. मेरी मामी इतनी सेक्सी हैं कि देखते ही लंड का झटका लगना निश्चित है. दोस्तो, मेरा नाम गौरव है. गाज़ियाबाद का रहने वाला मैं एक 19 साल का युवा हूँ. मैं काफ़ी हट्टा-कट्टा भी हूँ क्योंकि मैं एक स्पोर्ट्स पर्सन हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 11 इंच है. लड़कियों की जानकारी के लिए बताना चाहूँगा कि मेरे लंड का साइज़ काफी अच्छा है. यह 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है जो किसी भाभी या लड़की को संतुष्ट करने के लिए काफ़ी है. दोस्तो, ये मेरी पहली सेक्स कहानी है. यह Xxx फैमिलीसेक्स की कहानी आज से 2 साल पहले उस वक्त की है जब मेरी 12 वीं क्लास का सेशन शुरू ही हुआ था. उस दिन मैं स्कूल से वापस घर आया तो पापा फोन पर मामा जी से बात कर रहे थे. पापा का फोन स्पीकर पर था तो सब सुनाई दे रहा था. मामा जी ने बोला कि उनको अपने दोस्त की शादी में गुजरात जाना है और घर पर कोई देख-रेख के लिए नहीं है. उस पर पापा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मुझे भेज दे रहे हैं. मेरे मामा की फैमिली में सिर्फ़ नाना नानी, मामा म...

हाउस मेड की वासना

  सेक्सी हाउस मेड की वासना भड़का कर चोदा हॉट मेड सेक्स कहानी में एक दिन मेरी नजर अपनी कामवाली के जिस्म पर पड़ी. गजब की चोदने लायक माल थी वो. एक दिन रसोई में बर्तन साफ़ करती हुई वह अपनी चूत खुजा रही थी. हाय, मेरा नाम राहुल है, और मैं अभी बैंगलोर में रहता हूँ। मैं एक मशहूर आईटी कंपनी में काम करता हूँ, वही टिपिकल नौकरी जहाँ दिनभर कंप्यूटर के सामने बैठना पड़ता है। ये काम मुझे इतना व्यस्त रखता है कि मैंने अपने 2BHK अपार्टमेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए एक नौकरानी रख ली। मैं आपको अपने बारे में बता दूँ: मैं लगभग 5 फीट 11 इंच का हूँ, न ज्यादा गोरा न ज्यादा काला, और मेरा लंड ठीक-ठाक साइज का है।कोई बहुत बड़ा नहीं, लेकिन ऐसा भी नहीं कि किसी चूत को खुश ना कर सके. मेरी नई नौकरानी, जिसे मैं ‘प्रीति’ कहूँगा, उसका शरीर कमाल का है। उसकी फिगर है 34D-28-36, और जब मैं D कह रहा हूँ, तो मतलब उसकी बड़ी, गोल चूचियाँ जो नजरअंदाज करना मुश्किल है।और उसकी गांड?ओह भाई, जैसे दो तरबूज एक छड़ी पर चिपके हों, पकड़ने के लिए बिल्कुल परफेक्ट। उसकी त्वचा इतनी मुलायम है जैसे ताजा मक्खन, और उसकी आँखें, यार, चॉकलेट के गहरे गड्ढों...

बीवी को अजनबी लड़के ने सैट करके चोदा

  बीवी को अजनबी लड़के ने सैट करके चोदा (Porn Biwi Xxx Kahani) पोर्न बीवी Xxx कहानी में पढ़ें कि मेरी बीवी को एक लड़का इशारे करता था. उसने मुझे बताया तो मुझे मजा आया. मैंने इस बात को बढ़ावा दिया. तो इसका क्या परिणाम निकला? दोस्तो, मेरा नाम राजवीर है. मैं 28 साल का हूँ. मेरी बीवी का नाम हर्षा है और वह 25 साल की है. हम लोग गुजरात में जूनागढ़ के रहने वाले हैं. मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं. अपनी बीवी को मैं बहुत प्यार करता हूँ. मेरी बीवी भी मुझे बहुत प्यार करती है. मैं और मेरी बीवी अपनी अपनी फैन्टेसी हर तरीके से पूरी करते हैं. यह पोर्न बीवी Xxx कहानी मेरी पत्नी की है. एक दिन रात में बेड पर हर्षा ने मुझसे कहा- बेबी, आज मेरे साथ कुछ अजीब हुआ था. मैंने कहा- क्या हुआ था डार्लिंग? हर्षा- शाम को मैं जब बाल्कनी में खड़ी होकर कॉफी पी रही थी. तब रोड के पास से एक जवान लड़का साइकल पर खड़े होकर मुझको ताड़ रहा था. मैंने कहा- सच में! हर्षा- हां … और जब मैंने उसकी तरफ देखा, तो उस ने मुझे हाय का इशारा भी किया. मैंने कहा- क्या … नहीं, वह तुम्हें कोई और समझ रहा होगा! हर्षा- हां जी, मुझे ...

भाभी जी को पेला

दोस्तो, मेरा नाम राज है और मैं उत्तर प्रदेश के मथुरा से हूं। मेरी उम्र 26 साल है। आज मैं अपने जीवन के पहले सेक्स अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूं जो कि मैंने अपनी भाभी के साथ किया था। यह न्यू भाभी Xxx कहानी तब की है जब मेरे ताऊ के लड़के की शादी हुई थी। मेरी नयी भाभी आई थी और मैं भी जवानी की हवस में गोते लगा रहा था। देखते ही देखते भाभी की चुदाई के ख्याल मेरे मन में आने लगे। अब बात यहां तक पहुंच चुकी थी कि रात में भाभी को याद करके मैं मुठ भी मारने लगा था। उनका बाथरूम मेरे कमरे के सामने ही था। जब भी वह नहाने जाती तो मैं उसको चुपके से देखा करता था। भाभी के बूब्स का साइज 36 के लगभग था। उसकी गांड भी एकदम से शेप में थी। मन करता था कि वहीं जाकर चोद आऊं। ऐसे ही सपनों में 6 महीने मैंने मुठ मारकर निकाल दिए थे। फिर बुआ के यहां से खबर आई कि फूफाजी चल बसे। सभी घर वाले वहीं जा रहे थे। घर में सिर्फ मैं और भाभी ही थे। दिन ऐसे ही बेचैनी में निकल गया। फिर रात आयी। वे दिन सर्दियों के थे। रात के 10 बजे थे और मैं भाभी को याद ...