मां की चूदाई का सफर This story is part of the मां की मेरा नाम हरी है और में यूपी का रहने वाला हु ये कहानी मेरी मां के है ये काल्पनिक है मेरे घर में पापा मम्मी मेरी बहन और में रहते है। अब आते है कहानी पर मेरे पापा मम्मी को सेक्स में खुश नहीं रख पाते है इसलिए मम्मी थोड़ी उदास और चिड़चिड़ी रहती है। मई का महीना था मई के महीने में up में शादियां बहुत होती है तो मम्मी को मेरे मामा की लड़की के लिए सोने की चूड़ियां लेनी थी तो उन्होंने पापा को बोला लेकिन पापा ऑफिस के काम की वजह से ना जा पाए तो मम्मी ने निर्णय लिया की वो खुद जाएंगी तब मम्मी ने मेरी बहन को बोला कि वो चिड़िया लेने जा रही है सोनी के पास। मम्मी ने मुझे बोला की में भी उनके साथ चालू तो मैंने हां कर दी और उनके साथ चल पड़ा। सोमवार का दिन था दोपहर का टाइम था जो up से है उन्हे पता ही होगा की मई में दोपहर को कैसी लू चलती हैं तो मार्केट में भीड़ बिलकुल नहीं थी। मम्मी ने एक सोनी की दुकान पे गई वहा पर एक सोनी बैठा था 40 साल का होगा एक दम हट्टा कट्टा और एक दम गोरा था। उसने मम्मी को बोला कि बताइए क्या दिखाई? मम्मी – सोने की चूड़...